तेलंगाना के महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री के॰ चंद्रशेखर राव अपनी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी बनाने के लिए और मौजूदा सरकार के गलत नीतियों का सहारा लेकर देशभर के विरोधी दलों के नेताओं को एकजुट करते हुए प्रधानमंत्री की कुर्सी को नज़र में रखते हुए अपने पैर फैलाने शुरू कर दिए हैं।
इसी में मद्देनज़र वह इसकी शुरुआत महाराष्ट्र के नान्देड से कर रहे है।
आनेवाले 5 फरवरी को वह नान्देड आ रहे है।
और इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तेलंगाना राज्य के 5 विधायक करीब 15 दिनों से नान्देड जिले में अपना डेरा डाले हुए है।
और यह विधायक जिले के हर उस राजनैतिक महत्वाकांक्षा रखनेवाले व्यक्तियों से, संघठनाओं के ज़िम्मेदारों से मुलाक़ात कर रहे है और उन्हें BRS पार्टी में प्रवेश करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर आकर्षित कर रहे हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि इस कार्यक्रम के आयोजन में इन तेलंगाना राज्य के विधायको के साथ नान्देड (महाराष्ट्र) का कोई बड़ा नेता या कार्यकर्ता या वह चेहरा नज़र नही आ रहा है जो महाराष्ट्रियन लोगों को आकर्षित करें।
इस बड़े कार्यक्रम के आयोजन की पूरी ज़िम्मेदारी इन्ही बाहर से तेलंगाना से आये हुए विधायक करते हुए नज़र आ रहे है।
ऐसा क्यों...?
यह एक बहोत बड़ा सवाल नान्देड के आम नागरिकों के मन मे उठ रहा है।
आपको बता दें की,
हाल ही में तेलंगाना राज्य के आदिलाबाद से बीजेपी सांसद सोयम बापुराव नान्देड आये हुए थे उस वक़्त उन्होंने पत्रकारों से वार्तालाप करते हुए चन्द्रशेखर राव की बीआरसी पार्टी पर आरोपों की झड़ी लगा दी थी,
और उन्होंने कहा था के
हम लोग वहां रहते है,
और वहां की स्थिति की हमे अच्छी तरह से जानकारी है,
वहां BRS किस तरह से सरकार चला रही है,
कौन कौन से वादे कर उसने सत्ता हासिल की है उन वादों पर आजतक BRS ने क्या किया इस सबकी जानकारी हमें है।
उन वादों को आजतक पूरा नही किया गया है।
सांसद सोयम बापुराव ने आगे बताया था के,
आनेवाले समय में बीआरएस पार्टी को तेलंगाना में सत्ता नहीं मिलेगी,
इसलिय वे महाराष्ट्र के लोगों को गुमराह करने आ रहे हैं।
इतना ही नही उन्होंने यह भी आरोप लगाया के तेलंगाना में बीआरएस पार्टी का संचालन एम आय एम के हाथों में है।
इन सब बातों से, आरोप-प्रत्यारोपों के बाद इस पुरोगामी महाराष्ट्र की जनता क्या चंद्रशेखर राव की BRS को अपनाएगी...?
यह देखना दिलचस्प होग.
No comments:
Post a Comment